🚨 पुलिस एडवाइजरी: फर्जी IPS बनकर 19.76 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
घटनाक्रम व पुलिस कार्यवाही
रेवाड़ी साइबर पुलिस ने हाल ही में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी IPS बनकर 19.76 लाख रुपये की ठगी की। आरोपी ने पीड़ितों को अपने जाल में फंसाकर पैसे की ठगी की थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
अपराधियों का तरीका
आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र का उपयोग करते हुए लोगों को यह विश्वास दिलाया कि वह एक आईपीएस अधिकारी है। उसने विभिन्न तरीकों से पीड़ितों से पैसे मांगे और ठगी की। यह स्पष्ट है कि ऐसे धोखेबाज सोशल इंजीनियरिंग का उपयोग करते हैं, जिससे वे अपने शिकार को आसानी से प्रभावित कर लेते हैं।
नागरिक सुरक्षा व बचाव के कड़े निर्देश
- किसी भी अधिकारी का पहचान पत्र देखकर ही विश्वास करें।
- धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत रिपोर्ट करें और पुलिस से संपर्क करें।
- संभावित धोखाधड़ी से बचने के लिए अनजान कॉल्स या मैसेजेस का जवाब न दें।
- अपने व्यक्तिगत डेटा को कभी भी साझा न करें।
आपातकालीन हेल्पलाइन व संपर्क
यदि आपको किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी का सामना करना पड़ता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। आपातकालीन स्थिति में 112 पर कॉल करें।
यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड अथवा डिजिटल अरेस्ट का प्रयास होता है, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें अथवा डायल 112 करें।